जीवन की राहें: फ़ुरक़ान एस ख़ान की मार्मिक ग़ज़ल
फ़ुरक़ान एस ख़ान की यह ग़ज़ल जीवन के इम्तिहानों, धूप-छाँव और इंसानी जज़्बातों को बयाँ करती है। जानें ज़िंदगी का असली मकां क्या है।
जीवन की राहें
Ghazal By Furkan S Khan
Kaafiya: इम्तिहाँ, मकां, निशाँ, बयाँ, जहाँ, गुमाँ
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